Mohammad Shami Political Entry: भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी और राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के अध्यक्ष जयंत चौधरी की हालिया मुलाकात के बाद उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले की राजनीति में सियासी पारा तेजी से चढ़ गया है। शमी या उनके परिवार के राजनीति में कदम रखने की चर्चाओं के बीच अब उनकी पत्नी हसीन जहां ने एक बड़ा ऐलान कर दिया है। जानकारी के अनुसार, हसीन जहां ने स्पष्ट किया है कि मोहम्मद शमी चुनाव मैदान में उतरें या उनके बड़े भाई मोहम्मद हसीब, वह उनके खिलाफ चुनाव लड़ेंगी। हसीन जहां ने यह भी साफ कर दिया कि यदि उन्हें किसी राजनीतिक दल से टिकट नहीं मिलता है, तो वह निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में ही चुनावी समर में उतरेंगी। वहीं साल 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं कि शमी या उनके भाई हसीब चुनावी रण में किस्मत आजमा सकते हैं। हालांकि, अभी तक इस संदर्भ में कोई आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है लेकिन इस संभावित सियासी हलचल ने जिले के राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह गरमा दिया है। शमी या उनके भाई से चुनाव में करुँगी मुकाबला इसी बीच, क्रिकेटर की पत्नी हसीन जहां के एक बड़े बयान ने इस सियासी ड्रामे को और अधिक रोचक बना दिया है। हसीन जहां ने एक इंटरव्यू में कहा, 'अगर शमी या उनके भाई हसीब चुनाव मैदान में उतरते हैं तो मैं उनके सामने चुनाव लड़ूंगी। यदि मुझे किसी राजनीतिक दल से टिकट नहीं मिलता है तब भी मैं निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरकर उनका मुकाबला करने के लिए पूरी तरह तैयार हूं।' महबूब अली जीतते आ रहे चुनाव अमरोहा सदर विधानसभा सीट की बात करें तो यह लंबे समय से समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता महबूब अली का मजबूत गढ़ रही है, जो 2002 से लगातार यहां से जीत दर्ज करते आ रहे हैं। 2022 के चुनावों में महबूब अली ने 1.28 लाख से अधिक वोट पाकर भाजपा प्रत्याशी को बड़े अंतर से शिकस्त दी थी। ऐसे में शमी परिवार के संभावित चुनावी डेब्यू और हसीन जहां के आक्रामक रुख ने इस सीट पर समीकरणों को बेहद दिलचस्प बना दिया है। शमी और हसीन जहां होने वाले है अलग ? मार्च 2018 में घरेलू विवाद और गंभीर आरोपों के बाद से मोहम्मद शमी और हसीन जहां एक-दूसरे से अलग रह रहे हैं। अदालत में दोनों के बीच मुकदमेबाजी चल रही है लेकिन हसीन जहां के इस राजनीतिक कदम ने पुराने पारिवारिक और कानूनी विवादों को एक बार फिर से सुर्खियों में ला खड़ा किया है। यह भी पढ़ें: डिंपल यादव का बड़ा बयान! वोटर लिस्ट में हुई धांधली और वोट हटाए जा रहे; चुनाव आयोग जिम्मेदार